आजकल की भागदौड़ भरी दुनिया में लोग अपने काम में व्यस्त रहते हैं। फिर भी हम अपने आसपास के लोगों या किसी अन्य के कार्यों, बातों और लुक से खासे प्रभावित हो जाते है। वह कोई भी हो सकता है, जैसे क्रिकेट की दुनिया में...


आजकल की भागदौड़ भरी दुनिया में लोग अपने काम में व्यस्त रहते हैं। फिर भी हम अपने आसपास के लोगों या किसी अन्य के कार्यों, बातों और लुक से खासे प्रभावित हो जाते है। वह कोई भी हो सकता है, जैसे क्रिकेट की दुनिया में...

वह ज़माना गया जब लोगों को अपने पसंदीदा सेलिब्रिटीज़ के बारे में जानने के लिए टीवी न्यूज़ और पेपर मैगज़ीन पढ़नी पढ़ती था। अब बस इंस्टाग्राम खोलिए और डेली अपडेट लीजिए।

शादी का बंधन एक पवित्र बंधन होता है। हालांकि इस साल कोरोनावायरस की वजह से कई शादियां बाधित हुई पर फिर भी लोगो ने कम लोगों की उपस्थिति में शादी समारोहों को संपन्न किया।

कोरोनावायरस ने पिछले दो सालों में अपने अनेक रूप रंग दिखाए हैं। उसके कई वेरिएंट आए और खासी तबाही मचाई। करोड़ों लोगों को अपनी चपेट में लिया और कइयों को अपनी जान गवानी पड़ी।

आज हम जिस महामारी की आशंका जता रहे है उसका सम्बंध भी प्रकृति से ही है। आइए जानते है की कैसे धरती पर जमी हुई करोड़ों साल पुरानी बर्फ़ की ज़मीन से आ सकती है अगली महामारी।

या कुछ और?

2009 में शुरू होने वाली पतंजलि जो कभी एक दवाखाना हुआ करती थी आज भारत की बड़ी FMCG कंपनियो में से एक है।

हाल के कुछ वर्षों में भारत में स्व-निर्मित युवा अरबपतियों की संख्या में वृद्धि देखने को मिली है।

एक समय था जब किसी मॉडल को इंडस्ट्री में जगह बनाने के लिए खुद को हर पैमाने पर खरा साबित करना पड़ता था। सौभाग्य से, वे दिन काफ़ी हद तक समाप्त हो गए हैं ।

पश्चिम बंगाल चुनाव में राज्य की जनता ने एक बार फिर से ममता बनर्जी को विजयी बनाया है और राज्य की कमान उन्हें सौंप दी है। ममता के सामने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के अन्य दिग्गज नेताओं की नहीं चली और अंततः ममता बनर्जी की जीत हुई।

किसी भी देश की विदेश नीति का मुख्य आधार देशहित होता है और ऐसा ही भारत के साथ भी है। भारत अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को बेहतर बनाने, विभिन्न देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए हमेशा प्रयास करता रहा है।

पहली लहर की पीक एक दिन में अधिकतम 98 हजार मरीज़ों के साथ बनी थी, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या में धीरे-धीरे कमी आने लगी और पहली लहर समाप्त हुई। लेकिन, मार्च 2021 में COVID की दूसरी लहर की शुरुआत हुई जोकि पहली लहर से कई गुना घातक साबित

आधुनिक सुंदरियाँ अपनी खूबसूरती और चेहरों के हावभाव से हमारे दिल की धड़कनों को बढ़ा देती हैं। लेकिन इस खूबसूरती को बनाए रखना इतना आसान नहीं होता है।

ब्लॉगिंग युग की शुरुआत के बाद से, कई भारतीय महिलाओं ने ब्लॉगिंग शुरू की है। उनमें से कुछ अपने बेहतरीन कंटेंट के कारण प्रमुख ब्लॉगर के रूप में उभरी।

कोविड-19 वैक्सीन विकास के दौरान सीरम इंस्टिट्यूट को बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा I आइये ऐसी ७

गुड़िया! हाँ, बिल्कुल सही सुना आपने। आप विश्वास नहीं करेंगे, लेकिन कुछ लोग अपने खाली समय में कुछ फैंसी कपड़ों के साथ बहुत कुछ कर सकते हैं। इस आर्टिकल में ऐसी ही एक हस्ती के बारे में हम जानेंगे जिनका नाम है ग्रेस पनिसरा।

लगभग 1 साल से सम्पूर्ण विश्व COVID-19 महामारी से जूझ रहा है । पूरी दुनिया में लगभग 6 करोड़ लोग COVID से संक्रमित हो चुके हैं और इससे राजनेता भी अछूते नहीं हैं ।

वर्तमान समय में विश्वस्तर पर विवाह का सामान्य चलन परिवर्तित हो गया है। जो देश आर्थिक रूप से जितना अधिक स्थिर और उन्नत है वहाँ के लोगों को लगता है कि वे देर से विवाह कर लेंगे।

पश्चिमी लोगों को कुछ अरूचिकर व्यंजन खाने में आनंद मिलता है और हम उनकी पाककला का दंडवत हो न्याय करने के लिए यहाँ हैं।

सम्पूर्ण देश में इस समय कोरोना के लगभग 35 हज़ार मामले संदिग्ध पाए गए हैं । लॉक डाउन को 17 मई तक बढ़ा दिया गया है । आखिर प्रश्न यह उठता है कि . वे कौन से कारण थे जिनके कारण भारत में इस वायरस का विस्तार इतनी तेजी से हुआ