बिशम्बर दास, पहली ब्रिटिश एशियाई प्लस-साइज़ मॉडल कि प्रेरक कहानी

एक समय था जब किसी मॉडल को इंडस्ट्री में जगह बनाने के लिए खुद को हर पैमाने पर खरा साबित करना पड़ता था। सौभाग्य से, वे दिन काफ़ी हद तक समाप्त हो गए हैं ।

बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की जीत के 7 कारण

पश्चिम बंगाल चुनाव में राज्य की जनता ने एक बार फिर से ममता बनर्जी को विजयी बनाया है और राज्य की कमान उन्हें सौंप दी है। ममता के सामने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के अन्य दिग्गज नेताओं की नहीं चली और अंततः ममता बनर्जी की जीत हुई।

दुनिया के अन्य देशों के साथ भारत के अच्छे संबंध की 6 वजहें

किसी भी देश की विदेश नीति का मुख्य आधार देशहित होता है और ऐसा ही भारत के साथ भी है। भारत अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को बेहतर बनाने, विभिन्न देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए हमेशा प्रयास करता रहा है।

भारत में COVID की दूसरी घातक लहर के 8 कारण

पहली लहर की पीक एक दिन में अधिकतम 98 हजार मरीज़ों के साथ बनी थी, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या में धीरे-धीरे कमी आने लगी और पहली लहर समाप्त हुई। लेकिन, मार्च 2021 में COVID की दूसरी लहर की शुरुआत हुई जोकि पहली लहर से कई गुना घातक साबित

भारत में शीर्ष 7 महिला ब्लॉगर्स

ब्लॉगिंग युग की शुरुआत के बाद से, कई भारतीय महिलाओं ने ब्लॉगिंग शुरू की है। उनमें से कुछ अपने बेहतरीन कंटेंट के कारण प्रमुख ब्लॉगर के रूप में उभरी।

ग्रेस पनिसरा – डॉल फैशन में चमकता सितारा

गुड़िया! हाँ, बिल्कुल सही सुना आपने। आप विश्वास नहीं करेंगे, लेकिन कुछ लोग अपने खाली समय में कुछ फैंसी कपड़ों के साथ बहुत कुछ कर सकते हैं। इस आर्टिकल में ऐसी ही एक हस्ती के बारे में हम जानेंगे जिनका नाम है ग्रेस पनिसरा।

COVID को मात देने वाले 6 भारतीय राजनेता

लगभग 1 साल से सम्पूर्ण विश्व COVID-19 महामारी से जूझ रहा है । पूरी दुनिया में लगभग 6 करोड़ लोग COVID से संक्रमित हो चुके हैं और इससे राजनेता भी अछूते नहीं हैं ।

देशों के द्वारा तय की विवाह के लिए महिलाओं की औसत आयु

वर्तमान समय में विश्वस्तर पर विवाह का सामान्य चलन परिवर्तित हो गया है। जो देश आर्थिक रूप से जितना अधिक स्थिर और उन्नत है वहाँ के लोगों को लगता है कि वे देर से विवाह कर लेंगे।

वे घटनायें जिनके कारण कोरोना का प्रकोप तेज़ी से फैला

सम्पूर्ण देश में इस समय कोरोना के लगभग 35 हज़ार मामले संदिग्ध पाए गए हैं । लॉक डाउन को 17 मई तक बढ़ा दिया गया है । आखिर प्रश्न यह उठता है कि . वे कौन से कारण थे जिनके कारण भारत में इस वायरस का विस्तार इतनी तेजी से हुआ

विश्व में सबसे धनी 8 क्रिप्टो करेंसी स्वामी

बिटकाॅयन की शुरूआत 3 जनवरी 2009 को हुई। यह एक ऐसी मुद्रा है जिसकी सिर्फ गणना होती है। इसका आभास किया जा सकता है पर यह दृष्टिगोचर नहीं होती क्योंकि इसका कोई भौतिक रूप नहीं है। वास्तव में यह डिजिटल युग की डिजिटल करेंसी है जो सिर्फ कम्प्यूटर नेटवर्किंग के द्वारा विनिमय करती है। इसके प्रयोग में कोई शुल्क नहीं लगता। इसकी क्रेडिट लिमिट नहीं है। इसका मूल्य इसकी आपूर्ति और माँग के अनुसार बढ़ता रहता है।

घर में रहने वाले लोगों को डराने का भारतीय पुलिसकर्मी का मूल तरीका

दुख की बात है कि कुछ लोगों के लिए लाॅकडाउन के हित को समझने के लिए यह पर्याप्त नहीं है कि सरकार के लिए इसको लागू करना कितनी गंभीर स्थिति है। हालांकि एक अत्यंत उत्साही पुलिस अफसर को यह लग रहा था कि वह लोगों को डरा धमका कर इस वायरस के प्रसार को रोक लेगा।

COVID–19 के इर्दगिर्द 3 अनोखे षड्यंत्रकारी सिद्धान्त

यहाँ यह बताना समीचीन होगा कि कोरोना वायरस की समस्या तेज़ी से विश्व में फैल रही है, ढेर सारे भ्रामक प्रचार और प्रकोप के बारे में षड्यंत्र सामने आए हैं। आखिर यह विषाणु है क्या – एक गुप्त जैविक अस्त्र, चीन की अर्थव्यवस्था की प्रगति को रोकने के लिए पेंटागन की गलत सोच या शायद यह केवल एक स्वतंत्र विषाणु है।

वैश्विक स्तर पर भारतीय शिक्षा की बेहतरी के 7 कारण

भारत प्रारम्भ से ही विश्व गुरु रहा है। तक्षशिला, नालन्दा, पाटलीपुत्र जैसे विश्वविद्यालय भारत की उन्नत वैचारिकता का यशोगान करते हैं। आधुनिक भारत भी अपनी शिक्षा व्यवस्था के कारण वैश्विक पटल पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराता रहा है। प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक अर्वाचीन व्यवस्था अपनी गौरव शाली परम्परा को यथावत रखने में कामयाब है।

मोदी जी की 8 विशेषताएं जो उन्हें वैश्विक रूप से श्रेष्ठ बनाती हैं

मोदी जी वैश्विक परिदृश्य में अपनी विनम्रता, कुशल नेतृत्व क्षमता, मजबूत विदेश नीति, वक्तृता शैली, फिटनेश के प्रति सतर्कता के कारण अत्यधिक मजबूती से स्थापित होते जा रहे हैं ।

कोरोना वायरस का वैश्विक स्तर पर प्रकोप

कोरोना वायरस बहुत ही सूक्ष्म लेकिन अत्यंत ही प्रभावी वायरस है। यह वायरस मानव के बाल की तुलना में 900 गुना छोटा है। अब तक ईरान चीन, इटली, और दक्षिण कोरिया जैसे देश इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण से जुकाम, सांस लेने में तकलीफ इत्यादि जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। इसकी शुरुआत चीन में स्थित वुहान शहर से हुई थी। इस वायरस को रोकने के लिए वैज्ञानिक अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं परन्तु अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है। हालांकि चीन इस संदर्भ में टीका बना लेने का वादा कर रहा है।