6 उत्पाद जिन्होंने बाबा रामदेव की पतंजलि को बना दिया मेगा बिजनेस

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2009 में शुरू होने वाली पतंजलि जो कभी एक दवाखाना हुआ करती थी आज भारत की बड़ी FMCG कंपनियो में से एक है। 

पतंजलि मुख्य रूप से अपने आप को हर्बल और आयुर्वेदिक उत्पाद बनाने वाली कंपनी के रूप मे दर्शाती है। इसके ब्रांड एम्बेसडर बाबा रामदेव है। 

अपने शानदार मार्केटिंग और सस्ते दाम अथवा अच्छे उत्पाद की वजह से ही पतंजलि भारत की नामी जानी कंपनियो में से एक बन पायी है। और तो और साल 2019 में पतंजलि का टर्नओवर 9,000 करोड़ रुपये था। 

पतंजलि ने आईटीसी और गोदरेज जैसी स्थापित कम्पनियों को वित्तीय वर्ष 2017 में रेवेन्यू के मामले में हरा दिया और एक नया मुक़ाम हासिल किया। 

इतनी तेज वृद्धि करना कोई चमत्कार नहीं बल्कि इसका श्रेय पतंजलि के कुछ उत्पादों को दिया जा सकता है जिसने पतंजलि को एक मेगा बिजनेस बना दिया। आइए जानते है कौन से है वो 6 उत्पाद

गाय का घी 

घी को हम भारतीय खाना बनाने से लेकर पूजा पाठ करने तक उपयोग करते है। घी एक बहुत बड़ा मार्केट है। हर दिन 150 मेट्रिक टन से भी ज़्यादा घी का उत्पाद भारत में किया जाता है ।

ऐसा अवसर पतंजलि अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहती थी शायद तभी पतंजलि की मेगा सक्सेस के पीछे सबसे बड़ा हाथ उसके उत्पाद गाय का घी का है। वित्तीय वर्ष 2017 के 10,561 करोड़ रुपए के रेवेन्यू में घी का हिस्सा 1467 करोड़ रुपए था।

दंतकान्ति टूथपेस्ट

पतंजलि के सस्ते दाम वाला दंतकान्ति टूथपेस्ट का उसकी सफलता में एक बड़ा हाथ है। इसने कोलगेट और हिंदुस्तान युनिलीवर जैसी कंपनियों के अच्छे और महंगे टूथपेस्ट को भी पीछे कर दिया। वित्तीय वर्ष 2017 में दंतकान्ति टूथपेस्ट का रेवेन्यू 940 करोड़ रुपए था।

दंतकान्ति एक हर्बल टूथपेस्ट है जिसे लोगों ने काफ़ी सराहा है शायद यही वजह है कि हर घर में आपको एक व्यक्ति ऐसा ज़रूर मिल जाएगा जो दंतकांति का उपयोग करता होगा। 

केशकान्ति शैंपू

केशकान्ति शैंपू ने भारत के लोअर एंड मार्केट को अच्छे तरीके से कैप्चर किया है। वित्तीय वर्ष 2017 में केशकान्ति शैंपू ने 825 करोड़ रुपए का रेवेन्यू उत्पन्न किया था और पतंजलि को मेगा बिजनेस बनाने में इसने महत्वपूर्ण सहयोग किया है ।

हर्बल शैंपू में हिंदुस्तान युनिलीवर एक मार्केट लीडर है और निश्चित तौर से पतंजलि का एक राइवल। 

हर्बल साबुन

हर्बल प्रोडक्ट की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में पतंजलि का मार्केट में उतरना स्वाभाविक है। पतंजलि के हर्बल साबुन मध्यम वर्ग के लोगों में खासा मशहूर है।

शायद इसी लोकप्रियता के कारण पतंजलि के हर्बल साबुन ने वित्तीय वर्ष 2017 में 574 करोड रुपए का रेवेन्यू उत्पन्न किया है।

शहद 

शहद का नाम ले तो जुबा पर एक नाम तो जरूर आता है, डाबर हनी।  लेकिन डाबर हनी को भी टक्कर देने वाला उत्पाद पतंजलि का शहद भी लोगों में काफ़ी प्रचलित हो गया है। 

भारत का शहद मार्केट 2020 में लगभग 17.29 अरब रुपये के मूल्य पर पहुंच गया। क्योंकि शहद एक लगातार बढ़ती हुई मार्केट है। पतंजलि को आगे और भी फायदे होंगे। 

सस्ते दाम और तगड़ी एडवरटाइजिंग की मदद से पतंजलि शहद ने मार्केट को कैप्चर किया है। 

आयुर्वेदिक दवाइयाँ

इकनॉमिक टाइम्स के एक लेख के मुताबिक 77% भारतीय घरों में आयुर्वेदिक दवाइयों का प्रयोग होता है। 

चूंकि पतंजलि मुख्य रूप से एक आयुर्वेदिक उत्पाद बनाने वाली कंपनी है जिसने अपनी शुरुआत आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने से की थी शायद यही कारण है कि आज इसकी सफलता में आयुर्वेदिक दवाइयां जैसे दिव्य धारा आमवातारी रस दृष्टि आई ड्रॉप आदि का भी एक महत्वपूर्ण भूमिका है। 

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