10 बॉलीवुड सितारे जिन्होंने बेहद साधारण जिंदगी से शुरू किया अपना सफर

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फिल्मों के चमचमाते परदे पर जब हम अपने पसंदीदा स्टार्स को देखते हैं, तो लगता है कि इनकी जिंदगी कितनी खूबसूरत और हसीन है। लग्जरी गाड़ियाँ, करोड़ों के बंगले, डिज़ाइनर कपड़े और दुनिया भर में फैले लाखों फैंस! लेकिन क्या आप जानते हैं कि पर्दे पर दिखने वाली यह चकाचौंध रातों-रात नहीं मिलती?

बॉलीवुड और भारतीय सिनेमा के कई ऐसे दिग्गज सितारे हैं, जिन्होंने अपनी ज़िंदगी में कड़ा संघर्ष देखा है। आइए जानते हैं उन 10 बॉलीवुड सितारों के बारे में, जिन्होंने बेहद साधारण जिंदगी से अपने सपनों के सफर की शुरुआत की और आज सफलता की नई मिसाल बन चुके हैं।

सामंथा रुथ प्रभु

साउथ और हिंदी सिनेमा में अपनी खास जगह बनाने वाली सामंथा रुथ प्रभु का बचपन भी काफी अभावों में बीता। एक समय ऐसा था जब उनके परिवार के पास कॉलेज की फीस भरने और रोज के दो वक्त के खाने तक के पैसे नहीं हुआ करते थे। अपनी जरूरतों और पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए सामंथा ने बहुत कम उम्र में पार्ट-टाइम मॉडलिंग और हॉस्पिटैलिटी का काम शुरू किया। वहीं से उन्हें फिल्मों के ऑफर मिले और आज वे इंडस्ट्री की सबसे सफल और हाईएस्ट-पेड अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं।

विद्या बालन

विद्या बालन आज बॉलीवुड की सबसे सशक्त अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं, लेकिन उनकी शुरुआती राह कांटों भरी थी। दर्जनों साउथ फिल्मों और विज्ञापनों से उन्हें बिना किसी ठोस वजह के बाहर कर दिया गया। लेकिन विद्या ने हार नहीं मानी। टीवी सीरियल ‘हम पाँच’ और फिर ‘परिणीता’ से अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाली विद्या ने यह साबित कर दिया कि असली टैलेंट को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता।

शाहरुख खान

जब भी ज़ीरो से हीरो बनने की बात आती है, तो ‘किंग खान’ का नाम सबसे पहले ज़हन में आता है। दिल्ली के एक मध्यवर्गीय परिवार में जन्मे शाहरुख ने बहुत छोटी उम्र में ही अपने माता-पिता को खो दिया था। जब वे एक्टिंग में अपनी किस्मत आजमाने मुंबई आए, तो उनके पास न रहने का ठिकाना था और न ही कोई गॉडफादर। कई रातें उन्होंने रेलवे स्टेशनों और सड़कों पर सोकर गुजारीं। टीवी सीरियल्स से शुरुआत करने वाले शाहरुख ने अपनी मेहनत और कभी न हार मानने वाले जज्बे के दम पर आज दुनिया भर के दिलों पर राज किया है।

कंगना रनौत

हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से कस्बे से ताल्लुक रखने वाली कंगना रनौत जब महज 16-17 साल की उम्र में एक्ट्रेस बनने का सपना लेकर मुंबई आई थीं, तो उनके परिवार ने उनका बिल्कुल साथ नहीं दिया था। मुंबई जैसे बड़े शहर में उनके पास न पैसे थे और न ही रहने की सही जगह। अंग्रेजी न बोल पाने की वजह से उनका मजाक भी उड़ाया गया। लेकिन अपने दमदार अभिनय और निडर रवैये की बदौलत उन्होंने ‘फैशन’, ‘क्वीन’ और ‘तनु वेड्स मनु’ जैसी फिल्मों से 4 नेशनल अवॉर्ड अपने नाम किए।

रजनीकांत

साउथ से लेकर बॉलीवुड तक अपने अनोखे स्टाइल का परचम लहराने वाले ‘सुपरस्टार रजनीकांत’ की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। फिल्मों में आने से पहले शिवाजी राव गायकवाड़ (रजनीकांत का असली नाम) बैंगलोर में कुली और बस कंडक्टर के रूप में काम करते थे। बस में टिकट काटने के उनके खास अंदाज़ को लोग खूब पसंद करते थे। एक्टिंग का जुनून उन्हें मद्रास फिल्म इंस्टीट्यूट ले आया और वहां से जो इतिहास लिखा गया, उसे आज पूरी दुनिया जानती है।

नवाजुद्दीन सिद्दीकी

उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव बुढ़ाना से ताल्लुक रखने वाले नवाजुद्दीन सिद्दीकी की कहानी हर उस इंसान के लिए प्रेरणा है, जो बड़ा सपना देखता है। दिल्ली में थिएटर करने के दौरान पेट पालने के लिए उन्होंने पेट्रोकेमिकल फैक्ट्री में केमिस्ट और बाद में एक बिल्डिंग में वॉचमैन तक की नौकरी की। मुंबई आने के बाद लगभग 12-15 सालों तक उन्होंने सिर्फ जूनियर आर्टिस्ट या छोटे-मोटे रोल किए। ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ ने उनकी जिंदगी बदल दी और आज वे भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन कलाकारों में शामिल हैं।

रेखा

बॉलीवुड की सबसे ग्रेसफुल और एवरग्रीन एक्ट्रेस रेखा की शुरुआती जिंदगी बेहद दुखों और आर्थिक तंगी से भरी थी। बहुत कम उम्र में ही पारिवारिक आर्थिक संकट के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी और महज 13-14 साल की उम्र में फिल्मों में काम करना शुरू करना पड़ा। उन्हें हिंदी बोलना नहीं आता था और शुरुआत में उन्हें काफी रिजेक्शन और बॉडी शेमिंग का सामना भी करना पड़ा। लेकिन अपने कठोर अनुशासन, ग्रूमिंग और बेमिसाल अभिनय से उन्होंने खुद को बॉलीवुड की सबसे आइकॉनिक स्टार बनाया।

पंकज त्रिपाठी

बिहार के गोपालगंज जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले पंकज त्रिपाठी के पिता किसान थे। पंकज खुद भी खेतों में काम करते थे और गांव की छठ पूजा के नाटकों में लड़की का रोल निभाया करते थे। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पढ़ाई पूरी करने के बाद जब वे मुंबई आए, तो सालों तक काम की तलाश में भटकते रहे। उनकी पत्नी टीचर थीं और उन्हीं की कमाई से घर का खर्च चलता था।

यश

“के.जी.एफ” से दुनिया भर में तहलका मचाने वाले कन्नड़ सुपरस्टार यश (नवीन कुमार गौड़ा) की कहानी बहुत ही प्रेरणादायक है। उनके पिता कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम में बस ड्राइवर थे। जब यश ने एक्टर बनने की इच्छा जताई, तो परिवार इसके खिलाफ था। यश सिर्फ 300 रुपये जेब में लेकर बेंगलुरु आ गए थे। उन्होंने बैकग्राउंड डांसर और बैकस्टेज असिस्टेंट के तौर पर काम किया। टीवी सीरियल्स से अपनी पहचान बनाते हुए वे आज पैन-इंडिया सिनेमा के सबसे बड़े स्टार्स में से एक बन चुके हैं।

अक्षय कुमार

राजीव भाटिया यानी हम सबके चहेते अक्षय कुमार का बचपन पुरानी दिल्ली की तंग गलियों (चांदनी चौक) में बीता। मार्शल आर्ट्स सीखने के लिए जब वे बैंकॉक गए, तो वहां पेट पालने के लिए उन्होंने शेफ और वेटर का काम किया, यहाँ तक कि बर्तन भी धोए। मुंबई वापस आकर उन्होंने मार्शल आर्ट्स सिखाना शुरू किया, जहाँ उनके एक स्टूडेंट के सुझाव पर उन्होंने मॉडलिंग की। इसके बाद फिल्मों में कदम रखा और अपनी कड़ी मेहनत और टाइम-मैनेजमेंट से वे बॉलीवुड के सबसे कामयाब एक्टर्स में शामिल हो गए।